उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मैलानी थाना क्षेत्र में अंबेडकर जयंती के अवसर पर माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। बाबूपुर गांव में ग्राम समाज की जमीन पर मूर्ति रखने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प और पत्थरबाजी में बदल गया।
हिंसा और पुलिस पर हमला: अब तक की बड़ी बातें
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
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गिरफ्तारी और कार्रवाई: पुलिस ने अब तक 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
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पुलिस को आई चोटें: भीड़ के हिंसक होने के कारण पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुँचा है।
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सुरक्षा बल तैनात: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और PAC (Provincial Armed Constabulary) की तैनाती की गई है।
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प्रशासनिक रुख: गोला SDM प्रतीक्षा त्रिपाठी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
अधिकारियों की मौजूदगी और शांति की अपील
हालात बिगड़ते देख जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर डटे हुए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
कासगंज में भी हुआ पथराव
सिर्फ लखीमपुर ही नहीं, बल्कि कासगंज जिले के साहवार क्षेत्र में भी शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच टकराव की स्थिति बनी। यहाँ भी रास्ता बाधित करने और पथराव की खबरें आईं, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को संभाला।
