झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Women Reservation Bill और Delimitation (परिसीमन) की प्रक्रिया को लेकर कड़ा प्रहार किया है। सोरेन ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को आरक्षण देना एक नीतिगत निर्णय है, जबकि लोकसभा में सीटों की संख्या को 850 तक बढ़ाना एक अलग विषय है, जिसे केंद्र को अलग-अलग मसौदे के रूप में पेश करना चाहिए।
हेमंत सोरेन के बयान के मुख्य बिंदु (Facts & Data)
-
Seating Capacity: सीएम ने सवाल उठाया कि सरकार को पहले से कैसे पता कि सीटों की संख्या बढ़कर 850 ही होगी, यह 840 या 860 भी हो सकती है।
-
Political Strategy: सोरेन के अनुसार, आरक्षण और परिसीमन को एक साथ जोड़ना तार्किक नहीं है और दोनों के लिए अलग Legal Framework होना चाहिए।
-
Bihar Politics: बिहार में हुए सत्ता परिवर्तन को उन्होंने राजनीतिक इतिहास की सबसे अचरज भरी घटना बताया और बीजेपी के Alliance Partners के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े किए।
-
Target 2026: आगामी बंगाल चुनाव और लोकसभा चुनावों के लिए उन्होंने विपक्षी गठबंधन का एक ही सूत्र बताया—बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना।
ट्रेजरी मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश
झारखंड के विभिन्न जिलों में Treasury से हुई अवैध निकासी के मामले पर मुख्यमंत्री ने गंभीर रुख अपनाया है।
-
Investigation Status: अवैध निकासी के मामलों को चिन्हित कर लिया गया है।
-
Audit Process: सभी विभागों और जिला स्तर पर वित्तीय लेन-देन की गहन जांच चल रही है।
-
Strict Action: गलत तरीके से फंड निकालने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
बिहार में सत्ता परिवर्तन पर प्रतिक्रिया
सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री बनने और राज्य की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर सोरेन ने कहा कि सत्ता “संख्या बल” का खेल है। उन्होंने महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक के उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ उचित व्यवहार नहीं करती है।
