हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के अधिकारियों के लिए पदोन्नति का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य के 22 अनुभवी पुलिस अधिकारी जल्द ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में शामिल किए जाएंगे। इस बहुप्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर अगले सप्ताह चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है।
चंडीगढ़ में ही क्यों होगी बैठक?
आमतौर पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें दिल्ली में होती हैं, लेकिन इस बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने एक विशेष छूट दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के स्वास्थ्य कारणों के चलते, उनके अनुरोध पर अब यह बैठक चंडीगढ़ में ही आयोजित की जाएगी। इसमें यूपीएससी के सचिव और नामित सदस्यों के साथ प्रदेश के मुख्य सचिव और गृह सचिव सुधीर राजपाल भी शामिल होंगे।
क्यों रुकी हुई थी यह प्रक्रिया?
हरियाणा में आईपीएस कैडर में पदोन्नति का मामला पिछले दो वर्षों से लंबित था। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
-
अधूरी रिपोर्ट: पूर्व में कई अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) पूरी नहीं थी।
-
इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट: करीब दो महीने पहले ही मुख्य सचिव ने 22 अधिकारियों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किए हैं, जो प्रमोशन के लिए अनिवार्य हैं।
-
तकनीकी खामियां: पूर्व मुख्य सचिव संजीव कौशल के समय गृह विभाग की फाइल में कुछ आपत्तियां जताई गई थीं, जिन्हें अब दूर कर लिया गया है।
प्रशासन पर क्या होगा असर?
हरियाणा में पिछले काफी समय से आईपीएस अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही थी। इन 22 अधिकारियों के आने से:
-
जिलों में कानून व्यवस्था की कमान संभालने के लिए अनुभवी हाथ मिलेंगे।
-
पुलिस प्रशासन के रिक्त पदों को भरा जा सकेगा।
-
राज्य पुलिस बल के मनोबल में वृद्धि होगी।
