उज्जैन में देर रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन
मध्य प्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात एक महत्वपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने ट्रेन में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
यह कार्रवाई उस सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि बड़ी संख्या में बच्चों को मजदूरी के लिए दूसरे राज्य ले जाया जा रहा है।
ट्रेन में सर्चिंग के दौरान क्या मिला
- रात करीब 11 बजे अंत्योदय एक्सप्रेस के उज्जैन पहुंचने पर जांच शुरू हुई
- टीम ने 50 से अधिक बच्चों और उनके साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की
- शुरुआती जांच में 4 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
- ट्रेन आगे बढ़ने के बाद नागदा स्टेशन पर दोबारा सर्च ऑपरेशन किया गया
नागदा में करीब एक घंटे चली कार्रवाई में 22 और बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। इस तरह कुल 26 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
बच्चों की उम्र और वर्तमान स्थिति
- सभी बच्चे नाबालिग बताए जा रहे हैं
- इनमें से दो बच्चों की उम्र 14 साल से भी कम है
- सभी बच्चों को फिलहाल जीआरपी की निगरानी में रखा गया है
- आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंपा जाएगा
तस्करी की आशंका, लेकिन जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों को मजदूरी के लिए गुजरात ले जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कुछ बच्चों ने यह भी कहा कि वे घूमने जा रहे थे।
श्रम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक:
- करीब 100 बच्चों को ले जाने की सूचना थी
- चार संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है
- यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था
प्रशासन की सतर्कता से बड़ा हादसा टला
इस पूरे मामले में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित बाल तस्करी की आशंका को समय रहते रोका जा सका। पुलिस और संबंधित एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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