जम्मू: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सचिन कुमार वैश्य एक गंभीर विवाद के केंद्र में आ गए हैं। कटरा में एक संस्थान के उद्घाटन के दौरान उनके व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसके बाद उन्हें पद से हटाने की मांग तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
खबरों के अनुसार, आईएएस सचिन कुमार वैश्य को माता वैष्णो देवी से जुड़े एक नवनिर्मित संस्थान के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया था। मौके पर पंडित जी वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न करा रहे थे। जैसे ही अधिकारी रिबन काटने (फीता काटने) के लिए आगे बढ़े, पंडित जी ने उन्हें मर्यादा और धार्मिक परंपरा के अनुसार जूते उतारने का आग्रह किया।
“इसीलिए मैं नहीं आता…”
पंडित जी की बात सुनते ही आईएएस अधिकारी असहज हो गए और उनके तेवर तल्ख हो गए। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है— “जूते उतारने पड़ेंगे… मैं इसीलिए इसमें नहीं आता।” यह सुनकर वहां मौजूद लोग अवाक रह गए।
जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, लोगों ने इसे ‘पद का अहंकार’ करार दिया। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है:
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श्रद्धालुओं का तर्क: लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति वैष्णो देवी जैसी पवित्र संस्था का प्रबंधन संभाल रहा है, उसे वहां की बुनियादी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
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इस्तीफे की मांग: ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कई यूजर्स ने लिखा कि कुर्सी का कद आस्था से बड़ा नहीं हो सकता। बीजेपी युवा मोर्चा समेत कई स्थानीय संगठनों ने उनके तत्काल तबादले की मांग की है।
निष्कर्ष: परंपरा बनाम प्रोटोकॉल
यह घटना प्रशासनिक शिष्टाचार और धार्मिक आस्था के बीच के टकराव को दर्शाती है। जहां एक तरफ प्रशासनिक अधिकारी अक्सर व्यस्तता और प्रोटोकॉल का हवाला देते हैं, वहीं वैष्णो देवी जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल पर परंपराओं की अनदेखी श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली साबित हो रही है।
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