किशनगंज/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। किशनगंज के सदर थानाध्यक्ष (SHO) अभिषेक रंजन पर शिकंजा कसते हुए जांच टीम ने उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
अभिषेक रंजन पर अपनी ज्ञात आय से करीब 1.70 करोड़ रुपये (107%) अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।
किशनगंज से छपरा तक छापेमारी
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे EOU की टीम तीन गाड़ियों में सवार होकर किशनगंज पहुंची। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि इसे बेहद गोपनीय रखा गया था।
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किशनगंज: थानाध्यक्ष के सरकारी आवास और थाना परिसर स्थित कार्यालय की तलाशी ली गई।
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पटना और छपरा: SHO के पटना स्थित ठिकानों और छपरा (सारण) के पैतृक गांव ‘पेंघा’ में भी टीम ने दस्तावेजों को खंगाला।
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पूछताछ: रेड के समय SHO आवास पर नहीं थे, लेकिन बाद में पहुंचने पर टीम ने उनसे संपत्ति के निवेश और आय के स्रोतों को लेकर लंबी पूछताछ की।
1.70 करोड़ की ‘काली कमाई’ का हिसाब
जांच एजेंसी के अनुसार, अभिषेक रंजन ने पुलिस सेवा में रहते हुए अनुपातहीन संपत्ति बनाई है। शुरुआती जांच में यह आंकड़ा 1.70 करोड़ रुपये के करीब पाया गया है। छापेमारी के दौरान कई बैंक खाते, जमीन के दस्तावेज और कीमती निवेश से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
महकमे में हड़कंप: 20 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
बिहार पुलिस महकमे में इस रेड के बाद हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले ही EOU ने एक डीएसपी (DSP) गौतम कुमार के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में ऐसी ही कार्रवाई की थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट संकेत है कि निगरानी एजेंसियां अब दागी अधिकारियों को बख्शने के मूड में नहीं हैं।
