भारत सरकार ने एक अहम फैसले में बदलाव करते हुए स्मार्टफोन में Aadhaar App को प्री-इंस्टॉल करने की योजना को फिलहाल रद्द कर दिया है। यह प्रस्ताव यूजर्स की सुविधा के लिए लाया गया था, लेकिन टेक कंपनियों और सुरक्षा चिंताओं के चलते इसे लागू नहीं किया गया।
📲 क्या था पूरा प्रस्ताव?
सरकार का प्लान था कि भारत में बिकने वाले सभी स्मार्टफोन्स में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल हो, ताकि लोगों को अलग से ऐप डाउनलोड करने की जरूरत न पड़े।
लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे आगे न बढ़ाने का फैसला लिया।
⚠️ क्यों वापस लिया गया फैसला?
इस योजना को लेकर कई बड़ी चिंताएं सामने आईं:
1. 🔐 सुरक्षा (Security Risk)
मोबाइल कंपनियों ने कहा कि प्री-इंस्टॉल ऐप से डिवाइस सिक्योरिटी प्रभावित हो सकती है।
2. 🌍 ग्लोबल स्टैंडर्ड्स का मुद्दा
हर देश के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर डालना मुश्किल हो सकता है, जिससे इंटरनेशनल मोबाइल स्टैंडर्ड प्रभावित होते।
3. 💰 बढ़ती लागत
Aadhaar ऐप को शामिल करने के लिए अलग मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस की जरूरत पड़ती, जिससे लागत बढ़ती।
इन सभी कारणों से कंपनियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
📱 अब यूजर्स को क्या करना होगा?
अब यूजर्स को Aadhaar App खुद ही डाउनलोड करना होगा।
👉 यह ऐप इंस्टॉल करना अनिवार्य नहीं है
🧠 Aadhaar App क्यों है जरूरी?
- डिजिटल पहचान सत्यापन
- बैंकिंग और सरकारी सेवाओं में उपयोग
- e-KYC प्रक्रिया आसान बनाता है
Aadhaar एक 12 अंकों की यूनिक आईडी है, जो नागरिकों की पहचान के लिए इस्तेमाल होती है।
