नोएडा अथॉरिटी ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘न्यू नोएडा’ (DNGIR) परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की दरों में इजाफा कर दिया है। पिछले 10 वर्षों से अटकी हुई मुआवजे की मांग को पूरा करते हुए अथॉरिटी ने अब ₹4,300 प्रति वर्ग मीटर की नई दर निर्धारित की है। यह दर अब यमुना अथॉरिटी द्वारा दिए जा रहे मुआवजे के बराबर हो गई है।
10 साल का इंतजार खत्म, क्यों लिया गया यह फैसला?
अथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक दशक से जमीन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस कारण किसान अपनी जमीन देने में रुचि नहीं दिखा रहे थे और परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गई थी।
-
प्रमुख कारण: किसानों का बढ़ता दबाव और जमीन की बढ़ती मार्केट वैल्यू।
-
बड़ा बदलाव: मुआवजे की दरें अब जेवर एयरपोर्ट के आसपास की दरों के समान हो गई हैं।
इन गांवों की किस्मत चमकेगी
न्यू नोएडा परियोजना एक विशाल औद्योगिक और आवासीय हब के रूप में विकसित की जा रही है।
-
कुल क्षेत्रफल: लगभग 209 वर्ग किलोमीटर।
-
प्रभावित क्षेत्र: इसमें बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के 80 से ज्यादा गांव शामिल हैं।
-
पहला चरण: पहले फेज में हजारों हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का लक्ष्य है।
विशेष जानकारी: जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा था, जिसके बाद शासन स्तर से मुआवजे की दरों पर मुहर लगी है।
जल्द शुरू होगी अधिग्रहण प्रक्रिया
मुआवजे की दरों में बढ़ोतरी के बाद अब जमीन अधिग्रहण में तेजी आने की उम्मीद है। नोएडा अथॉरिटी ने राज्य सरकार से अतिरिक्त स्टाफ की मांग की है ताकि:
-
किसानों से सीधा संवाद किया जा सके।
-
दस्तावेजों का सत्यापन जल्द पूरा हो।
-
मुआवजे का वितरण बिना किसी देरी के सुनिश्चित हो।
इस फैसले से उन हजारों किसानों को सीधा लाभ होगा जिनकी जमीन इस नए शहर के निर्माण में अधिग्रहित की जानी है।
