केदारनाथ: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज ने चारधाम यात्रा की तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया है। केदारनाथ धाम में शनिवार को हुई भारी बर्फबारी के बाद पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका बर्फ की मोटी सफेद चादर से ढक गया है।
तैयारियों पर संकट के बादल बाबा केदार के कपाट 22 अप्रैल 2026 को दर्शनार्थियों के लिए खोले जाने हैं। कपाट खुलने में अब केवल 17 दिन का समय शेष है, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
मुख्य चुनौतियां और वर्तमान स्थिति:
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निर्माण कार्यों में बाधा: धाम में चल रहे मास्टर प्लान के तहत कंस्ट्रक्शन और पुनर्निर्माण के कार्य बर्फबारी के कारण काफी धीमे हो गए हैं।
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सफाई अभियान: मंदिर परिसर और पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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रास्ते का निर्माण: प्रशासन के लिए तीर्थयात्रियों के लिए सुगम रास्ता तैयार करना प्राथमिकता है, लेकिन खराब मौसम इसमें देरी कर रहा है।
मुख्यमंत्री खुद रख रहे हैं नजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मौसम साफ होते ही युद्ध स्तर पर कार्य पूरे किए जाएं ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
अगले 24 घंटे कैसे रहेंगे? (मौसम विभाग का अनुमान) मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में अगले 24 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।
यात्रियों के लिए सलाह: यदि आप अप्रैल के अंतिम सप्ताह में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग के अपडेट्स को ध्यान में रखकर ही अपनी तैयारी शुरू करें और साथ में गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां अवश्य रखें।
