मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक अस्थिरता (Geopolitical Tension) का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर दिखने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम के दावों के बीच इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए हमले ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मचा दी है। इस घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसका विपरीत असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।
क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट?
बुधवार को युद्ध विराम की खबरों से जो तेजी आई थी, वह गुरुवार 9 अप्रैल को थम गई। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं:
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युद्ध विराम का उल्लंघन: इजरायल के हमले के बाद ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
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कच्चे तेल में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 3% से ज्यादा की तेजी आई है।
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बाजार की अनिश्चितता: मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ने से निवेशक अब सतर्क रुख अपना रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) का हाल
आज सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों ही लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं:
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सोना (Gold): कॉमेक्स पर सोने का भाव 0.83% गिरकर $4,737.60 प्रति औंस पर आ गया है।
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चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में 2.18% की बड़ी गिरावट देखी गई है और यह $73.745 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।
भारतीय बाजार (MCX) पर असर और शादी सीजन
बुधवार को एमसीएक्स पर सोना ₹1,51,619 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,39,894 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। आज की गिरावट उन परिवारों के लिए राहत की खबर हो सकती है जो शादियों के सीजन के लिए गहनों की खरीदारी की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, बाजार में इसी तरह की उठापटक बनी रहेगी।
एक्सपर्ट टिप: सोने की कीमतों में आई यह अस्थिरता निवेशकों के लिए जोखिम भरी हो सकती है, लेकिन फिजिकल गोल्ड खरीदने वालों के लिए यह ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति है। खरीदारी से पहले अपने शहर के लोकल रेट जरूर चेक करें।
