चीन और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य नजदीकियां: क्या है पूरा मामला?
दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। CNN की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन अगले कुछ हफ्तों के भीतर ईरान को मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) की एक नई खेप भेजने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी खुफिया आकलन (US Intelligence Assessments) से जुड़े सूत्रों का दावा है कि बीजिंग इन हथियारों की असल पहचान छिपाने के लिए इन्हें ‘तीसरे देशों’ के रास्ते ईरान भेजने की योजना बना रहा है।
MANPADS क्या हैं और ये क्यों हैं इतने खतरनाक?
MANPADS यानी ‘मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम’ ऐसे हथियार होते हैं जिन्हें एक अकेला सैनिक अपने कंधे पर रखकर चला सकता है।
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निशाना: ये सिस्टम कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स को पलक झपकते ही तबाह कर सकते हैं।
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FN-6 और FN-16: चीन की मशहूर ‘फेई नु’ (FeiNu) एक्सपोर्ट लाइन में FN-6 और इसका अपग्रेड वर्जन FN-16 शामिल है।
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मारक क्षमता: ये मिसाइलें 4 किलोमीटर की ऊंचाई तक अपने लक्ष्य को सटीक तरीके से भेद सकती हैं।
सीजफायर के बीच हथियारों का जखीरा भरने की कोशिश?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान वर्तमान सीजफायर (युद्धविराम) का फायदा उठाकर अपने हथियारों के भंडार को फिर से भरने की कोशिश कर रहा है। यदि यह सप्लाई सफल होती है, तो यह चीन की ओर से ईरान को मिलने वाले समर्थन में एक बड़ा इजाफा होगा। इससे पहले चीन केवल ‘डुअल-यूज़’ (नागरिक और सैन्य दोनों काम आने वाली) तकनीक ही मुहैया कराता था।
चीन का पक्ष: आरोपों को बताया बेबुनियाद
वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। चीनी मिशन का कहना है कि:
“ये आरोप झूठे और आधारहीन हैं। चीन ने कभी भी किसी संघर्षरत पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और हम हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करते हैं।”
मैदान-ए-जंग में FN-6 का पिछला रिकॉर्ड
चीन के ये हथियार पहले भी कई देशों जैसे पाकिस्तान, म्यांमार, सूडान और सीरिया में देखे जा चुके हैं। हाल ही में म्यांमार में विद्रोहियों ने इसी FN-6 सिस्टम का इस्तेमाल कर वहां की सेना के एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसने इस हथियार की घातक क्षमता को साबित किया है।
