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कैसे हुआ बोकारो कोषागार में ₹3.15 करोड़ का घोटाला? फर्जीवाड़े की परतें खुलीं, आरोपी अकाउंटेंट हिरासत में।

झारखंड के बोकारो जिले से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। बोकारो ट्रेजरी (कोषागार) से वेतन मद में ₹3.15 करोड़ की अवैध निकासी के आरोप में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है। उपायुक्त (DC) अजय नाथ झा की त्वरित निगरानी में यह कार्रवाई की गई है।

पत्नी के खाते में भेजी गई करोड़ों की राशि

ट्रेजरी ऑफिसर (TO) गुलाब चंद उरांव द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  • फर्जीवाड़ा: वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पुलिस उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन की भारी-भरकम राशि निकाली गई।

  • ट्रांसफर: आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय ने इस सरकारी राशि को अपनी पत्नी के बैंक खाते में अवैध रूप से स्थानांतरित कर दिया।

  • समय सीमा: यह हेराफेरी मई 2024 से मार्च 2026 के बीच की गई।

उपायुक्त का कड़ा एक्शन: 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

मामला संज्ञान में आते ही उपायुक्त अजय नाथ झा ने पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए कड़े निर्देश जारी किए:

  1. विस्तृत जांच: अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया।

  2. खाते फ्रीज: संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  3. अनुशासनात्मक कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन का संदेश: “भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जा रही है। जांच जारी है और इस घोटाले में शामिल किसी भी अन्य व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।” — जिला प्रशासन, बोकारो

आगे क्या?

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में ट्रेजरी या पुलिस विभाग के कुछ और लोग भी शामिल थे। खातों के ऑडिट के साथ-साथ अन्य संदिग्ध लेनदेन की भी पहचान की जा रही है ताकि सरकारी धन की रिकवरी की जा सके।

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