IT दिग्गज विप्रो (Wipro) ने अपने निवेशकों के लिए ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक का ऐलान किया है। कंपनी ने इसके लिए ₹250 प्रति शेयर की कीमत तय की है, जो 16 अप्रैल की क्लोजिंग प्राइस से करीब 19% ज्यादा है। हालांकि, घोषणा के अगले ही दिन शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे निवेशक इस उलझन में हैं कि उन्हें इस बायबैक से असल में कितना फायदा होगा।
मुनाफे का पूरा गणित: सिर्फ ₹250 की कीमत न देखें
विप्रो का शेयर फिलहाल ₹203 के आसपास ट्रेड कर रहा है। अगर आप बायबैक में हिस्सा लेते हैं, तो प्रति शेयर ₹40 से ₹47 तक का सीधा अंतर दिख रहा है। लेकिन आपका कुल मुनाफा इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी आपके कितने शेयर स्वीकार (Accept) करती है।
एक्सेप्टेंस रेशियो (Acceptance Ratio) क्यों है जरूरी?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बायबैक में अमूमन सभी शेयर वापस नहीं लिए जाते। रिटेल निवेशकों के लिए ऐतिहासिक तौर पर यह रेशियो 15% से 25% के बीच रहता है।
कितने शेयर पर कितना बचेगा? (अनुमानित कैलकुलेशन)
यदि हम 20% एक्सेप्टेंस रेशियो मानकर चलें, तो आपका संभावित लाभ कुछ इस तरह हो सकता है:
| आपके पास मौजूद शेयर | कंपनी जो शेयर खरीदेगी (20%) | टैक्स से पहले संभावित मुनाफा |
| 50 शेयर | 10 शेयर | ₹400 |
| 100 शेयर | 20 शेयर | ₹800 |
| 500 शेयर | 100 शेयर | ₹4,000 |
टैक्स और अन्य कटौतियां: जेब में क्या आएगा?
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि बायबैक से होने वाला लाभ पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (STCG) के बाद आपका नेट प्रॉफिट और भी कम हो जाएगा।
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उदाहरण: अगर आपको ₹800 का मुनाफा होता है, तो 20% टैक्स कटने के बाद आपके हाथ में केवल ₹640 बचेंगे।
एक्सपर्ट की राय: क्या आपको हिस्सा लेना चाहिए?
स्टॉकीफाय के सीईओ पीयूष झुनझुनवाला के अनुसार, बायबैक की खबर के बाद शेयरों में आई गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार इसके नतीजों को लेकर सतर्क है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो एक्सेप्टेंस रेशियो और टैक्स के बाद मिलने वाला ‘छोटा मुनाफा’ शायद बहुत आकर्षक न लगे। लेकिन कम समय में एग्जिट चाहने वालों के लिए यह एक अवसर हो सकता है।
