नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय विमानन क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया (Air India) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) कैम्पबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के हवाले से मिली इस जानकारी ने कॉर्पोरेट जगत और एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है।
इस्तीफे के पीछे की बड़ी वजहें
कैम्पबेल विल्सन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब उनका कार्यकाल 2027 में समाप्त होने वाला था। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी कोई बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:
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विमान हादसे के बाद आलोचना: पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट (बोइंग 787-8) के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से विल्सन लगातार दबाव में थे। इस दुखद हादसे में 241 लोगों की जान चली गई थी।
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नेतृत्व में बदलाव की तलाश: हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा समूह पिछले कुछ समय से एअर इंडिया के लिए नए और उपयुक्त नेतृत्व की तलाश में जुटा था।
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ग्रुप के भीतर बदलाव: एअर इंडिया ही नहीं, बल्कि इसकी सहयोगी कंपनी ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ में भी प्रबंध निदेशक का पद खाली है, जिससे संकेत मिलते हैं कि एयरलाइन बड़े संगठनात्मक बदलावों से गुजर रही है।
विल्सन का कार्यकाल और चुनौतियां
विल्सन ने जुलाई 2022 में एअर इंडिया की कमान संभाली थी। उस समय एयरलाइन टाटा समूह द्वारा अधिग्रहण के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही थी। इससे पहले टर्किश एयरलाइंस के इल्कर अइसी ने विवादों के चलते पद संभालने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद विल्सन को यह जिम्मेदारी दी गई थी।
एअर इंडिया के लिए आगे क्या?
टाटा ग्रुप अब एक ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर सके और ब्रांड की पुरानी साख को वापस लौटा सके। फिलहाल, एयरलाइन बोर्ड जल्द ही नए सीईओ के नाम पर विचार कर सकता है।
