पश्चिम बंगाल के खूबसूरत हिल स्टेशन दार्जिलिंग, कर्सियांग और कालिम्पोंग में इस बार राजनीति का पारा चढ़ गया है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में यहाँ की 0.875 मिलियन (2011 की जनगणना के अनुसार) आबादी अपनी नई सरकार चुनने के लिए वोट डालेगी। इस बार का चुनाव इसलिए खास है क्योंकि मुकाबला त्रिकोणीय नहीं, बल्कि चतुष्कोणीय (Four-cornered) होने जा रहा है।
प्रमुख दलों के बीच समीकरण
इन तीन सीटों पर मुख्य रूप से चार ताकतों के बीच मुकाबला है:
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BGPM (TMC की सहयोगी): अनित थापा के नेतृत्व वाली भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन प्राप्त है। इनका मुख्य नारा ‘विकास’ है।
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BJP और सहयोगी: भारतीय जनता पार्टी यहाँ GNLF और GJM के साथ गठबंधन में है। BJP का दावा है कि वे GTA में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करेंगे।
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IGJF (नई चुनौती): अजय लुकास एडवर्ड्स की नई पार्टी ‘इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट’ युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।
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कांग्रेस: अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए स्थानीय चेहरों के साथ मैदान में है।
चुनावी रण के मुख्य चेहरे
| विधानसभा क्षेत्र | मुख्य उम्मीदवार | पार्टी |
| दार्जिलिंग | बिजय कुमार राय (BGPM), नोमान राय (BJP), अजय लुकास एडवर्ड्स (IGJF) | कड़ी टक्कर |
| कर्सियांग | अमर लामा (BGPM), सोनम लामा (BJP), बंदना राय (IGJF) | चाय बागान मुद्दा |
| कालिम्पोंग | रुदेन सदा लेप्चा (BGPM), भरत छेत्री (BJP), बर्नोन ब्रिटो लेप्चा (IGJF) | विकास बनाम वादे |
क्या हैं स्थानीय लोगों की माँगें?
दार्जिलिंग की पहाड़ियों में वर्षों से दो मुद्दे सबसे ऊपर रहे हैं:
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गोरखालैंड का स्थायी राजनीतिक समाधान: लोग लंबे समय से एक ठोस संवैधानिक समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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ST स्टेटस: 11 गोरखा समुदायों को अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) का दर्जा दिलाने की माँग।
न्यूज़ इनसाइट: जहाँ BJP ‘पहचान और सुरक्षा’ की बात कर रही है, वहीं अनित थापा की BGPM ‘पहाड़ों की प्रगति’ को अपना मुख्य हथियार बना रही है। इस बार पहली बार मतदान करने वाले युवा वोटर्स नई पार्टी IGJF की ओर आकर्षित दिख रहे हैं, जो चुनावी नतीजों को चौंकाने वाला बना सकते हैं।
