TCS नासिक में धार्मिक उत्पीड़न और व्यक्तिगत अपमान का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पुरुष कर्मचारी ने टीम लीडर्स पर जबरन धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए हैं। जानें इस मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई।
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नासिक में स्थित आईटी दिग्गज TCS (Tata Consultancy Services) की शाखा इन दिनों विवादों के घेरे में है। महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों के बाद, अब एक पुरुष सहकर्मी ने अपनी दर्दनाक दास्तां साझा की है। पीड़ित कर्मचारी का दावा है कि उसे न केवल धार्मिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसके व्यक्तिगत जीवन का भी सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाया गया।
उत्पीड़न के गंभीर आरोप: मुख्य बिंदु
पीड़ित कर्मचारी ने इंडिया टुडे को दिए अपने साक्षात्कार में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं:
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धार्मिक दबाव: कर्मचारी का आरोप है कि उसके टीम लीडर्स (तौसीफ अख्तर और दानिश शेख) ने उसे जबरन नमाज पढ़ने, कलमा पढ़ने और टोपी पहनने के लिए मजबूर किया।
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निजी जीवन पर हमला: कर्मचारी ने बताया कि संतान न होने पर आरोपियों ने उसके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसकी पत्नी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की।
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धार्मिक पहचान का अपमान: पीड़ित एक श्रद्धालु हिंदू है और रुद्राक्ष की माला पहनता है। उसका आरोप है कि आरोपी हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते थे और उसे जबरन मांसाहार करने के लिए मजबूर करते थे।
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मानसिक प्रताड़ना: बीमार पिता के इलाज के नाम पर भी उसे धर्म परिवर्तन करने की सलाह दी गई, यह कहकर कि इससे उसके पिता ठीक हो जाएंगे।
कॉर्पोरेट वर्क कल्चर पर सवाल
यह मामला केवल आपसी विवाद का नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट जगत में POSH (Prevention of Sexual Harassment) और एथिक्स के पालन पर भी सवाल उठाता है। पीड़ित के अनुसार, यह उत्पीड़न साल 2022 से चल रहा था। जब उसने विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई और उसके खिलाफ ऑफिस में झूठी शिकायतें दर्ज कराई गईं ताकि उसे नौकरी से निकाला जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और अब तक की स्थिति
नासिक सिटी पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ चलाया। पुलिस ने अब तक:
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कुल 9 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
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तौसीफ अख्तर, दानिश शेख और एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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जांच में अंडरकवर महिला पुलिस अधिकारियों की मदद ली गई ताकि सच्चाई सामने आ सके।
निष्कर्ष: एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में इस तरह की घटनाएं कॉर्पोरेट सुरक्षा और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति चिंता पैदा करती हैं। कंपनी की ओर से इस पर सख्त आंतरिक कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
