दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल (Oracle) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव से गुजर रही है। कंपनी ने कम से कम 10,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, और विश्लेषकों का मानना है कि यह आंकड़ा 30,000 तक पहुंच सकता है। यानी कंपनी अपनी कुल वर्कफोर्स का लगभग 18% हिस्सा कम करने की योजना बना रही है।
सैम ऑल्टमैन और OpenAI से क्या है कनेक्शन?
हैरानी की बात यह है कि इस छंटनी के पीछे सीधे तौर पर सैम ऑल्टमैन (OpenAI के CEO) की एक बड़ी डील का हाथ है।
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जुलाई 2025 में, ओरेकल और OpenAI के बीच $300 बिलियन (लगभग 25 लाख करोड़ रुपये) की क्लाउड कंप्यूटिंग डील हुई थी।
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इस डील के तहत ओरेकल को ChatGPT के लिए दुनिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर बनाने थे।
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इन सेंटर्स के लिए ओरेकल ने केवल दो महीनों में $58 बिलियन का नया कर्ज लिया है, जिससे कंपनी का कुल कर्ज $100 बिलियन के पार पहुंच गया है।
कर्मचारियों के लिए ‘ब्लैक मंडे’: बिना चेतावनी के निकाला
छंटनी का तरीका बेहद चौंकाने वाला रहा। कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह-सुबह ईमेल मिला, जिसमें लिखा था— “आज आपका आखिरी वर्किंग डे है।”
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प्रभावित विभाग: ओरेकल हेल्थ, क्लाउड, सेल्स, और नेटसूट (NetSuite) जैसे बड़े डिवीज़न में भारी कटौती हुई है।
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भारत पर असर: नेटसूट के इंडिया डेवलपमेंट सेंटर और अन्य भारतीय यूनिट्स में सीनियर इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स की भी छुट्टी कर दी गई है।
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सिस्टम एक्सेस ब्लॉक: ईमेल मिलने के तुरंत बाद कर्मचारियों के सिस्टम एक्सेस काट दिए गए।
कर्ज के बोझ में दबी कंपनी
जहाँ अमेज़न, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट अपने पास मौजूद कैश से डेटा सेंटर बना रहे हैं, वहीं ओरेकल इसे पूरी तरह कर्ज (Credit) पर बना रहा है। मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, छंटनी के जरिए कंपनी करीब $8 से $10 बिलियन बचाने की कोशिश कर रही है, ताकि उस पैसे का इस्तेमाल OpenAI के डेटा सेंटर्स के निर्माण में किया जा सके।
क्या AI ही खा रहा है नौकरियां?
कंपनी ने अपनी Q3 अर्निंग रिपोर्ट में संकेत दिया है कि AI कोड जनरेशन की वजह से अब उन्हें कम सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की जरूरत है। कंपनी का कहना है कि वे अब “Lean” यानी छोटी और फुर्तीली टीमें बनाना चाहते हैं जो AI की मदद से तेजी से काम कर सकें।
