नैनीताल से लौटते समय हुआ हादसा
उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल से छुट्टियां बिताकर घर लौट रहे पर्यटकों के लिए रविवार का सफर हादसों में बदल गया। नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर ‘प्रिया बैंड’ के पास दो अलग-अलग टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पलट गए। इन दुर्घटनाओं में दिल्ली और गाजियाबाद के कुल 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
कैसे हुए हादसे? (ब्रेक फेल होना प्राथमिक कारण)
स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ही हादसों के पीछे मुख्य कारण पहाड़ी ढलान पर ब्रेक का सही समय पर काम न करना बताया जा रहा है।
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पहला हादसा: दिल्ली की चामुंडा पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के कर्मचारी नैनीताल से लौट रहे थे। प्रिया बैंड के पास चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन पलट गया। इसमें 13 लोग घायल हुए।
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दूसरा हादसा: गाजियाबाद के मोदी नगर से आए रिश्तेदारों का समूह जब वापस लौट रहा था, तब ढलान पर वाहन पैराफिट से टकराकर पलट गया। इसमें 7 लोग घायल हुए।
राहत और बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय राहगीरों ने मिलकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला।
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सभी घायलों को तुरंत सीएचसी कालाढूंगी पहुँचाया गया।
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गंभीर रूप से घायल 8 लोगों को बेहतर इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर किया गया है।
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अन्य पर्यटकों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग के लिए जरूरी सलाह
नैनीताल पुलिस और विशेषज्ञों ने पर्यटकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं:
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लोअर गियर का उपयोग: ढलान उतरते समय केवल ब्रेक के भरोसे न रहें, वाहन को लोअर गियर में रखें ताकि इंजन ब्रेकिंग का लाभ मिले।
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वाहन की जांच: पहाड़ों पर चढ़ने से पहले ब्रेक ऑयल और डिस्क पैड की जांच अनिवार्य रूप से कराएं।
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अनुभवी चालक: पहाड़ों पर तीखे मोड़ और ढलान होते हैं, इसलिए केवल अनुभवी चालकों को ही वाहन चलाने दें।
