अमेरिका की प्रथम महिला (First Lady) मेलानिया ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन मामले में खुद को घसीटे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। व्हाइट हाउस में दिए एक असाधारण बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और एपस्टीन के बीच संबंधों की खबरें पूरी तरह निराधार और ‘झूठ’ हैं। मेलानिया ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए जानबूझकर ऐसे दावे किए जा रहे हैं।
“हर महिला को अपनी बात रखने का हक”
मेलानिया ट्रंप ने न केवल अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से अपील की है। उन्होंने मांग की कि एपस्टीन के अपराधों से प्रभावित महिलाओं के लिए एक ‘पब्लिक हियरिंग’ यानी सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जानी चाहिए।
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उद्देश्य: सर्वाइवर्स को अपनी कहानी दुनिया के सामने रखने का मौका मिले।
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रिकॉर्ड: उनकी गवाही को कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल किया जाए।
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न्याय: मेलानिया का मानना है कि केवल तभी इस मामले का सच पूरी तरह सामने आ पाएगा।
मैक्सवेल के साथ मेल का क्या है सच?
विवादों के बीच मेलानिया ने यह स्वीकार किया कि वे न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा के समान सामाजिक हलकों (Social Circles) का हिस्सा थीं, जिसके कारण एपस्टीन और गिस्लेन मैक्सवेल से उनका आमना-सामना हुआ था।
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ईमेल का स्पष्टीकरण: मैक्सवेल को भेजे गए एक ईमेल के जवाब पर उन्होंने कहा कि वह केवल एक ‘औपचारिक पत्राचार’ (Casual Correspondence) था।
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दोस्ती से इनकार: उन्होंने साफ किया कि मेल का उत्तर देने का मतलब यह नहीं है कि उनके बीच कोई गहरी दोस्ती या मिलीभगत थी।
ट्रंप प्रशासन के लिए नई चुनौती?
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन एपस्टीन विवाद से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रथम महिला के इस अचानक आए बयान से यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों में आ सकता है। मेलानिया ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि वे और उनके वकील इन निराधार झूठों के खिलाफ सफलतापूर्वक कानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।
