नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए चुनिंदा लोन की ब्याज दरों में कटौती की है। बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05% की कमी करने का फैसला किया है। ये नई दरें आज, 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
EMI पर क्या होगा असर?
बैंक के इस कदम से उन ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा जिनका लोन कम अवधि (Short-term) के MCLR से जुड़ा है। विशेष रूप से पर्सनल लोन और छोटे बिजनेस लोन लेने वालों की मासिक किस्त (EMI) में मामूली गिरावट देखने को मिलेगी।
MCLR में बदलाव की पूरी तालिका
बैंक ने लंबी अवधि के रेट्स को स्थिर रखा है, जबकि छोटी अवधि में बदलाव किया है:
| अवधि (Tenure) | पुराना MCLR | नया MCLR | बदलाव |
| ओवरनाइट (Overnight) | 8.15% | 8.10% | -0.05% |
| 1 महीना | 8.15% | 8.10% | -0.05% |
| 3 महीने | 8.25% | 8.20% | -0.05% |
| 6 महीने से 3 साल | 8.35% – 8.55% | यथावत | कोई बदलाव नहीं |
FD की ब्याज दरों में भी हुआ अपडेट
लोन के साथ-साथ बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों में भी बदलाव किया है। अब आम नागरिकों को 3.25% से 7% तक का ब्याज मिलेगा, जबकि सीनियर सिटिजंस के लिए भी दरें इसी दायरे में हैं। कुछ विशेष अवधियों के लिए ब्याज दरों में 0.10% की बढ़ोतरी भी देखी गई है।
क्या होता है MCLR और यह आपको कैसे प्रभावित करता है?
सरल शब्दों में, MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर है जिससे कम पर बैंक लोन नहीं दे सकता। जब बैंक अपना MCLR घटाता है, तो फ्लोटिंग रेट पर लिए गए आपके लोन की ब्याज दर भी कम हो जाती है, जिससे आपकी EMI का बोझ घटता है।
एक्सपर्ट टिप: यदि आपका होम लोन या कार लोन MCLR के बजाय ‘EBLR’ (External Benchmark Linked Rate) से जुड़ा है, तो इस कटौती का असर आप पर नहीं होगा। अपने लोन एग्रीमेंट को जरूर चेक करें।
