वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों में बदलाव का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। जहां 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,54,300 के स्तर को छू गया, वहीं चांदी भी ₹2,45,000 प्रति किलो के पार निकल गई।
बाजार में तेजी के पीछे के मुख्य कारण
आमतौर पर शेयर बाजार में तेजी आने पर सोने के दाम गिरते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
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अमेरिका-ईरान सीजफायर: दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा से बाजार में सकारात्मक भावना तो आई है, लेकिन अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
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सुरक्षित निवेश की मांग: अनिश्चितता के दौर में निवेशक अभी भी ‘Safe Haven’ के रूप में सोने पर अधिक भरोसा जता रहे हैं।
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औद्योगिक मांग: चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे इसकी औद्योगिक मांग (Industrial Demand) का बड़ा हाथ है।
कीमतों का गणित: आगे क्या होगा?
बाजार विशेषज्ञों ने सोने और चांदी के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्तर (Levels) बताए हैं, जिन पर नजर रखना जरूरी है:
| धातु | मौजूदा स्थिति | अगला टारगेट (Target) | सपोर्ट लेवल (Support) |
| सोना (10g) | ₹1,54,300 | ₹1,60,000 | ₹1,52,000 |
| चांदी (1kg) | ₹2,45,000 | ₹2,50,000 | ₹2,40,000 |
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) और अन्य वित्तीय जानकारों ने निवेशकों को ‘सावधानी’ बरतने की सलाह दी है।
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एकमुश्त निवेश से बचें: कीमतों के उच्चतम स्तर पर होने के कारण एक साथ बड़ी रकम न लगाएं।
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किश्तों में खरीदारी (SIP): गिरावट के दौरान धीरे-धीरे खरीदारी करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है।
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चांदी में जोखिम: चांदी सोने की तुलना में अधिक अस्थिर (Volatile) होती है, इसलिए इसमें निवेश करते समय अधिक सतर्क रहें।
एडिटोरियल इनसाइट: यदि आप घर में शादी या किसी आयोजन के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो बाजार में आने वाले छोटे ‘करेक्शन’ (गिरावट) का इंतजार करना समझदारी होगी।
