बेंगलुरु: भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। प्रमुख ऑटो कंपोनेंट सप्लायर Bosch Limited ने घोषणा की है कि वह अपनी ही ग्रुप कंपनी Bosch Chassis Systems India का अधिग्रहण करने जा रही है। यह पूरा सौदा करीब ₹9,068.68 करोड़ में तय हुआ है।
बुधवार को नियामक फाइलिंग (Regulatory Filing) में कंपनी ने बताया कि यह अधिग्रहण कैश और नॉन-कैश दोनों माध्यमों से किया जाएगा। वर्तमान में Bosch Chassis Systems के शेयर ‘रॉबर्ट बॉश इन्वेस्टमेंट नीदरलैंड’ (RBNI) और ‘रॉबर्ट बॉश, USA’ के पास हैं।
क्यों खास है यह अधिग्रहण?
Bosch Chassis Systems भारत में व्हीकल मोशन डिवीजन का हिस्सा है और ऑटोमोटिव सेफ्टी सिस्टम में मार्केट लीडर मानी जाती है। यह डील Bosch Limited के पोर्टफोलियो को और अधिक विविधता प्रदान करेगी।
कंपनी के मुख्य उत्पाद:
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एक्टिव सेफ्टी: एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल।
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पैसिव सेफ्टी: एयरबैग कंट्रोल यूनिट (ECU) और सेंसर।
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ब्रेकिंग सिस्टम: यात्री कारों, दोपहिया वाहनों और कमर्शियल वाहनों के लिए आधुनिक ब्रेकिंग समाधान।
2030 तक का विजन: सुरक्षित और स्मार्ट मोबिलिटी
बॉश ग्रुप (भारत) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गुरुप्रसाद मुदलापुर के अनुसार, यह अधिग्रहण भारत में बॉश की ग्रोथ ट्रैजेक्टरी को और मजबूत करने का एक बड़ा कदम है।
वहीं, बॉश मोबिलिटी इंडिया के प्रेसिडेंट संदीप नीलमंगला ने भविष्य की चुनौतियों पर जोर देते हुए कहा:
“भारत में 2030 तक मोबिलिटी का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। हम केवल अलग-अलग पुर्जे (Components) सप्लाई करने के बजाय ग्राहकों को भविष्य के लिए तैयार ‘प्लेटफॉर्म सॉल्यूशंस’ देना चाहते हैं। इसके लिए शक्तियों का एकीकरण जरूरी था।”
भविष्य की रणनीति
अधिग्रहण के बाद भी Bosch Chassis Systems India एक स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करना जारी रखेगी, लेकिन इसका संचालन और गवर्नेंस अब Bosch Limited के हाथों में होगा। हाल ही में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की बेंगलुरु यात्रा और बॉश कैंपस के दौरे ने भी इस सेक्टर में कंपनी की मजबूत स्थिति को रेखांकित किया था।
