Bihar Politics Update: बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़े उलटफेर की पटकथा तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर अब तारीखें भी साफ होने लगी हैं। जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के हालिया बयानों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
इस्तीफे का ‘राज्यसभा’ कनेक्शन
मंत्री विजय चौधरी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेना इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है। जैसे ही वे राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे, उनका मुख्यमंत्री पद पर बने रहना तकनीकी रूप से संभव नहीं होगा।
खास बात: नीतीश कुमार को इस्तीफे के लिए औपचारिक कैबिनेट बैठक बुलाने की आवश्यकता नहीं है; वे सीधे राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप सकते हैं।
14 अप्रैल के बाद क्यों आएगी तेजी?
बिहार में नई सरकार के गठन के लिए ‘शुभ मुहूर्त’ का इंतजार किया जा रहा है।
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खरमास का अंत: 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है। इसके बाद ही सरकार गठन की प्रक्रिया को निर्णायक मोड़ दिया जाएगा।
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दिल्ली की बैठक: 9 अप्रैल को दिल्ली में जेडीयू (JDU) की एक हाई-प्रोफाइल बैठक होने वाली है, जिसमें ललन सिंह और संजय झा जैसे दिग्गज नेता शामिल होंगे।
बीजेपी के हाथ में होगी कमान?
सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या इस बार मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा? सूत्रों की मानें तो एनडीए (NDA) की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार रखते हुए कहा कि जो भी नाम चर्चा में हैं, वे सभी रेस का हिस्सा हैं।
आगामी कदम: एक नज़र में
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शपथ ग्रहण: नीतीश कुमार का राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेना।
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इस्तीफा: शपथ के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र।
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NDA की बैठक: नए नेता के चयन और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा।
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नई सरकार: अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने की पूरी उम्मीद।
