महाराष्ट्र की सियासत में बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर एक भावुक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने इस हाई-प्रोफाइल सीट से अपना उम्मीदवार वापस लेने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के इस फैसले के बाद अब सुनेत्रा पवार के लिए चुनावी राह काफी हद तक आसान मानी जा रही है।
राजनीतिक मर्यादा के लिए कांग्रेस ने खींचे कदम महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में महाराष्ट्र के दिग्गज नेता अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन के बाद राज्य में एक शोक का माहौल है। ऐसी संवेदनशील स्थिति में राजनीतिक कटुता को कम करने और महाराष्ट्र की ‘राजनीतिक संस्कृति’ का मान रखने के लिए कांग्रेस ने यह कदम उठाया है।
अजित पवार के निधन से खाली हुई थी सीट यह उपचुनाव अजित पवार के आकस्मिक निधन के कारण हो रहा है। उनकी पत्नी, सुनेत्रा पवार एनसीपी (अजित गुट) की ओर से मैदान में हैं। खबरों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने खुद कांग्रेस नेतृत्व और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर उम्मीदवार वापस लेने का अनुरोध किया था, ताकि परिवार के इस कठिन समय में चुनाव को अनावश्यक विवादों से दूर रखा जा सके।
क्या सुनेत्रा पवार अब निर्विरोध चुनी जाएंगी? भले ही कांग्रेस इस रेस से बाहर हो गई है, लेकिन बारामती में चुनाव टला नहीं है। इसके पीछे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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निर्दलीय उम्मीदवार: मैदान में अभी भी 20 से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवार डटे हुए हैं।
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वोटिंग की तारीख: तय कार्यक्रम के अनुसार 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होगी।
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भविष्य की रणनीति: कांग्रेस ने साफ किया है कि यह केवल इस उपचुनाव के लिए लिया गया एक भावनात्मक फैसला है। पार्टी 2029 के विधानसभा चुनाव में बारामती से पूरी मजबूती के साथ वापसी करेगी।
