डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) के निवेशकों के लिए गुरुवार का दिन शानदार रहा। कंपनी के शेयरों में BSE पर 15% तक की इंट्रा-डे तेजी देखी गई, जिसके बाद यह 232.55 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी द्वारा रक्षा क्षेत्र में हासिल की गई एक बड़ी उपलब्धि है।
क्यों रॉकेट बने कंपनी के शेयर?
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की है कि उसने लिंपेट माइंस (Limpet Mines) के लिए ब्लास्ट ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।
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क्या हैं लिंपेट माइंस? ये ऐसी माइंस हैं जिन्हें गोताखोरों द्वारा दुश्मन के जहाजों या नेवल एसेट्स पर पानी के नीचे लगाया जाता है।
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ऐतिहासिक उपलब्धि: अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का दावा है कि वह देश की पहली एकमात्र भारतीय निजी कंपनी है, जिसने भारतीय नौसेना के लिए यह तकनीक विकसित की है।
नेवल डिफेंस में बढ़ेगी पकड़
इस सफल ट्रायल के बाद कंपनी अब उथले और गहरे पानी (Shallow and Deep Water) दोनों ही श्रेणियों में अंडरवॉटर माइंस और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों (Underwater Electronic Warfare Systems) की प्रमुख प्रोवाइडर बन गई है।
निवेशकों के लिए कैसा रहा है रिटर्न?
हैदराबाद स्थित इस कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है:
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1 साल का प्रदर्शन: निवेशकों का पैसा लगभग डबल (100% रिटर्न) हुआ।
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लंबी अवधि: पिछले 3 साल में शेयर 700% और 5 साल में 2350% से ज्यादा चढ़ चुके हैं।
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मार्केट कैप: कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप 8,300 करोड़ रुपये से अधिक है।
नोट: हालांकि पिछले 6 महीनों में शेयर में 30% की गिरावट भी देखी गई थी, लेकिन मौजूदा अपडेट ने फिर से निवेशकों का भरोसा जगाया है।
कंपनी की वित्तीय सेहत पर एक नजर
दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे कंपनी की मजबूती को दर्शाते हैं:
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रेवेन्यू: 200.78 करोड़ रुपये (सालाना आधार पर 35% की बढ़ोतरी)।
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मुनाफा: शुद्ध मुनाफा बढ़कर 30.66 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 18.44 करोड़ था।
