उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ (Special Task Force) लगातार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में, आजमगढ़ में 50 हजार का इनामी गैंगस्टर फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। यह अपराधी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
कैसे हुई गैंगस्टर राहुल यादव की गिरफ्तारी?
पुलिस को मुखबिरों के जरिए सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी राहुल यादव, जो मूल रूप से आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के सिरसेड़ी गांव का निवासी है, हरियाणा के फरीदाबाद में छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही लखनऊ एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी की और 1 अप्रैल 2026 को उसे डीएलएफ क्राइम ब्रांच के पास से धर दबोचा।
अपराध का लंबा रिकॉर्ड
राहुल यादव कोई मामूली अपराधी नहीं है। वह बरदह और देवगांव थानों में दर्ज कई गंभीर मामलों में वांछित था। आजमगढ़ में 50 हजार का इनामी गैंगस्टर फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है, जिस पर निम्नलिखित आपराधिक मामले दर्ज हैं:
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लूट और डकैती: क्षेत्र में व्यापारियों और राहगीरों को निशाना बनाना।
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हत्या का प्रयास: गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता।
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आर्म्स एक्ट: अवैध हथियारों का उपयोग।
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गैंगस्टर एक्ट: पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज।
विशेषज्ञ विश्लेषण: अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ की यह सक्रियता यूपी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बना रही है। आजमगढ़ में 50 हजार का इनामी गैंगस्टर फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है, जो यह साबित करता है कि अब अपराधी राज्य की सीमा पार कर भी सुरक्षित नहीं हैं।
गैंग के अन्य सदस्य पहले से ही जेल में
पूछताछ के दौरान राहुल यादव ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2018 से अपने गिरोह के साथ मिलकर कई वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। राहुल की गिरफ्तारी से आजमगढ़ में अपराध के मामलों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है कि आजमगढ़ में 50 हजार का इनामी गैंगस्टर फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। यूपी पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए काफी है।
