हंसिका मोटवानी, जिन्हें हम आज भी ‘शाकालाका बूम बूम’ की उस प्यारी सी बच्ची के रूप में याद करते हैं, उन्होंने हाल ही में अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा है जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान हंसिका ने अपनी पहली सैलरी, तलाक और अल्लू अर्जुन के साथ काम करने के अनुभव पर खुलकर बात की।
शाहरुख खान के साथ शुरू हुआ सफर
हंसिका ने बताया कि उनका करियर किसी सपने जैसा शुरू हुआ था। उन्होंने अपना पहला विज्ञापन शाहरुख खान के साथ किया था, जिसके लिए उन्हें 6,000 रुपये मिले थे। एक नन्हीं कलाकार के लिए किंग खान के साथ स्क्रीन शेयर करना और अपनी पहली कमाई हाथ में लेना, उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था।
स्मृति ईरानी और ‘तुलसी’ का साथ
टीवी की दुनिया में जब ‘क्यूंकी सास भी कभी बहू थी’ का दौर था, तब हंसिका ने स्मृति ईरानी के साथ काम किया। हंसिका याद करती हैं कि स्मृति जी उन्हें हमेशा अखबार पढ़ने और दुनिया की खबरों से अपडेट रहने की सलाह देती थीं। वह सेट पर बहुत ही गर्मजोशी से मिलती थीं और हंसिका के लिए एक मेंटॉर की तरह थीं।
अल्लू अर्जुन: टॉलीवुड के ‘आमिर खान’
साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए हंसिका ने एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा, “किसी ने मुझसे कहा था कि फिल्मों के मामले में अल्लू अर्जुन बिल्कुल आमिर खान की तरह (परफेक्शनिस्ट) हैं।” ‘पुष्पा’ स्टार के साथ उनकी बॉन्डिंग आज भी बरकरार है और वह उन्हें अपना पहला और सबसे प्रिय को-स्टार मानती हैं।
तलाक और प्यार पर बेबाक राय
अपनी पर्सनल लाइफ और तलाक के सवाल पर हंसिका ने बहुत ही परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा:
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एक एक्टर होने के नाते आपको हर बात को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
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अगर लोग आपकी तारीफ करते हैं, तो उन्हें आपकी आलोचना करने का भी हक है।
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जहां तक दोबारा प्यार तलाशने की बात है, हंसिका का मानना है कि यह एक खूबसूरत एहसास है और वह इसे ‘यूनिवर्स’ (ब्रह्मांड) के भरोसे छोड़ चुकी हैं।
मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि हंसिका का यह इंटरव्यू उनकी ‘चाइल्ड स्टार’ वाली इमेज को तोड़कर एक मैच्योर पर्सनालिटी के रूप में पेश करता है।
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ब्रांड वैल्यू पर असर: शाहरुख खान और अल्लू अर्जुन जैसे बड़े नामों के साथ उनके पुराने किस्से उनकी सोशल मीडिया वैल्यू और ब्रांड एंडोर्समेंट में इजाफा कर सकते हैं।
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सोशल मैसेज: तलाक के बाद ‘प्यार पर भरोसे’ वाली उनकी बात उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करना चाहती हैं।
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डिजिटल ट्रांजिशन: मैगजीन के दौर से डिजिटल युग तक का उनका सफर यह दिखाता है कि एक कलाकार को समय के साथ खुद को कैसे बदलना चाहिए।
खास बात: हंसिका ने अपनी मां के सपोर्ट को अपनी सफलता का सबसे बड़ा पिलर बताया है, जिन्होंने स्कूल और शूटिंग के बीच तालमेल बिठाने में उनकी सबसे ज्यादा मदद की।
