हिसार विवाद से हरियाणा में सियासी उबाल: क्या पूर्व डिप्टी CM की सुरक्षा में हुई चूक? जजपा ने बताया बड़ी साजिश।

हिसार विवाद पर जजपा का कड़ा रुख: “साजिश के तहत रोकी गई गाड़ी”

हरियाणा के हिसार में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की गाड़ी रोके जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) ने इस घटना को केवल एक पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश करार दिया है। बहादुरगढ़ के विश्राम गृह में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए।

पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई की मांग

जजपा के जिला अध्यक्ष संजय दलाल ने कहा कि दुष्यंत चौटाला एक संवैधानिक पद पर रह चुके हैं और उनका एक तय प्रोटोकॉल है। इसके बावजूद हिसार पुलिस द्वारा उनके साथ किया गया व्यवहार निंदनीय है।

पार्टी की मुख्य मांगें और आरोप:

  • अधिकारियों पर गाज गिरे: घटना के लिए सीधे तौर पर हिसार एसपी और संबंधित पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

  • सरकार की चुप्पी पर सवाल: घटना के 24 घंटे बाद भी मुख्यमंत्री या किसी मंत्री का बयान न आना, सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है।

  • सुरक्षा में चूक: संजय दलाल ने आरोप लगाया कि यह व्यवहार किसी भी हद तक नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकता है।


“प्रदेश में कानून नहीं, गुंडागर्दी का राज”

प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए जजपा नेताओं ने कहा कि जब एक पूर्व उपमुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने हिसार पुलिस की कार्रवाई को ‘गुंडागर्दी’ की श्रेणी में रखा और चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो जजपा चुप नहीं बैठेगी।

सियासी गलियारों में चर्चा तेज

इस मामले के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। दुष्यंत चौटाला ने खुद भी हाई कोर्ट जाने और सरकार को अल्टीमेटम देने की बात कही है। बहादुरगढ़ की इस बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलबाग सिंह, राजीव दलाल सहित दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे, जो इस लड़ाई को आगे ले जाने की रणनीति बना रहे हैं।


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