भारतीय क्रिकेट जगत के पूर्व सितारे विनोद कांबली एक बार फिर अपनी सेहत को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार खबरें चिंताजनक हैं। कांबली फिलहाल मुंबई में अपने घर पर हैं, लेकिन उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति स्थिर नहीं कही जा सकती।
याददाश्त पर असर और ब्रेन स्ट्रोक का डर ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कांबली के दिमाग में एक क्लॉट (खून का थक्का) है। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती समय में इलाज में देरी के कारण अब इस क्लॉट को हटाना संभव नहीं है।
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ब्रेन स्ट्रोक: मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. आदिल छागला के मुताबिक, कांबली की अगली स्टेज ब्रेन स्ट्रोक हो सकती है।
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याददाश्त: कांबली की याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी है। वे अक्सर अपनी दवाइयां लेना भूल जाते हैं और पुरानी बातों को याद करने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता है।
बुरी आदतों ने बढ़ाया खतरा कांबली ने शराब पीना तो छोड़ दिया है, लेकिन सिगरेट की लत अब भी उनके लिए काल बनी हुई है। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में वे राह चलते लोगों या ऑटो वालों से सिगरेट मांगते देखे गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब खतरा उनके लिवर या किडनी को नहीं, बल्कि सीधे उनके दिमाग को है, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है।
कौन कर रहा है मदद? मुश्किल घड़ी में कांबली के पुराने साथी और दिग्गज क्रिकेटर उनके साथ खड़े हैं:
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सचिन तेंदुलकर: कांबली के बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर ‘पर्दे के पीछे’ से लगातार उनकी मदद कर रहे हैं।
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क्रिकेटरों का ग्रुप: पूर्व अंपायर मार्कस कूटो ने बताया कि क्रिकेटरों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जो कांबली की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करता है।
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परिवार का साथ: कांबली अपना अधिकांश समय पत्नी एंड्रिया और बच्चों के साथ बिता रहे हैं।
सुधार की धीमी गति अच्छी खबर यह है कि कांबली ने हाल ही में एक विज्ञापन (आइसक्रीम ब्रांड) के लिए शूटिंग की है। 6 महीने पहले तक जो कांबली फर्नीचर पकड़कर चलते थे, वे अब एक माउंटेनियर स्टिक (सहारा देने वाली छड़ी) की मदद से खुद चल पा रहे हैं। हालांकि, रिहैब और महंगे इलाज के लिए फंड की कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
