नई दिल्ली: वैश्विक कूटनीति के केंद्र में एक बार फिर भारत और अमेरिका की दोस्ती सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई हालिया टेलीफोनिक बातचीत ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में शांति बहाली की नई उम्मीदें जगा दी हैं। लगभग 40 मिनट तक चली इस बातचीत को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने “बेहद सकारात्मक और सार्थक” बताया है।
अमेरिका-ईरान के बीच भारत बनेगा सेतु?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने शांति प्रक्रिया में भारत की भागीदारी का स्वागत करने के संकेत दिए हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि अमेरिका शांति प्रयासों में भारत की भूमिका का स्वागत करेगा, लेकिन अंतिम निर्णय भारत को ही लेना है।
राजदूत गोर के बयान के मुख्य बिंदु:
-
सक्रिय भागीदारी: अमेरिका उन सभी देशों का स्वागत करता है जो शांति चाहते हैं, और भारत इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है।
-
भारत का निर्णय: शांति प्रक्रिया में कितनी और कैसी भूमिका निभानी है, यह पूरी तरह भारत सरकार का संप्रभु फैसला होगा।
-
वैश्विक प्रभाव: पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में योगदान दे सकती है और भारत की वैश्विक साख इसे एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है।
जल्द हो सकती है बड़ी ‘कमर्शियल डील’
इस बातचीत का असर सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राजदूत गोर ने संकेत दिया कि व्यापार और द्विपक्षीय मुद्दों पर अगले कुछ दिनों में बड़ी घोषणाएं संभव हैं। हालांकि, उन्होंने सौदे की बारीकियों का खुलासा करने से इनकार कर दिया, लेकिन सूत्रों का मानना है कि यह रक्षा या ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित हो सकती है।
हाई-प्रोफाइल दौरों का सिलसिला
भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों की गहराई को इस बात से समझा जा सकता है कि राष्ट्रपति ट्रंप की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले जमीनी तैयारी शुरू हो चुकी है।
-
मार्को रूबियो का दौरा: अगले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत आएंगे।
-
तैयारी: यह दौरा ट्रंप की भविष्य की यात्रा और व्यापारिक समझौतों की रूपरेखा तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तथ्यों की स्पष्टता
सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि इस फोन कॉल में एलन मस्क भी शामिल थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बातचीत केवल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ही हुई थी।
