90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री ममता कुलकर्णी इन दिनों अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो साझा कर भारतीय समाज, खासकर महिलाओं की सेहत से जुड़े एक गंभीर मुद्दे पर अपनी राय रखी है। ममता का मानना है कि सेहत के प्रति लापरवाही केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक सोच का हिस्सा है जिसे बदलना जरूरी है।
“स्वस्थ महिला, स्वस्थ परिवार”
ममता कुलकर्णी ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय महिलाएं अक्सर अपनी पूरी ऊर्जा पति, बच्चों और घर की देखभाल में लगा देती हैं। इस प्रक्रिया में वे अपनी डाइट और एक्सरसाइज को पूरी तरह भूल जाती हैं।
अभिनेत्री ने स्पष्ट कहा, “अगर एक महिला खुद स्वस्थ नहीं होगी, तो वह अपने परिवार का ख्याल भी सही तरीके से नहीं रख पाएगी।” उनके अनुसार, खुद को प्राथमिकता देना स्वार्थ नहीं, बल्कि जरूरत है।
ममता कुलकर्णी का फिटनेस मंत्र: धूप और प्रकृति से जुड़ाव
ममता ने अपने व्यक्तिगत रूटीन से कुछ खास टिप्स साझा किए हैं जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बेहद कारगर हो सकते हैं:
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विटामिन-D की अहमियत: ममता के अनुसार, धूप लेना शरीर के विकास और मजबूती के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि विदेशों में लोग धूप की कीमत समझते हैं, जबकि हमारे यहाँ इसे नजरअंदाज किया जाता है।
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नेचुरल थेरेपी: अभिनेत्री हफ्ते में एक या दो बार समुद्र किनारे जाती हैं और नंगे पैर रेत पर चलती हैं। उनका मानना है कि रेत का नमक शरीर की अशुद्धियों (Impurities) को बाहर निकालने में मदद करता है।
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एक्टिव लाइफस्टाइल: जब वे समुद्र के पास नहीं होतीं, तब हेल्थ क्लब में स्विमिंग और सनबाथिंग के जरिए खुद को सक्रिय रखती हैं।
केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है समस्या
ममता ने पुरुषों और बच्चों के व्यवहार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोग जिम या हेल्थ क्लब तो चले जाते हैं, लेकिन वहां मेहनत करने के बजाय केवल समय बिताते हैं। फिटनेस के प्रति यह ‘कैजुअल’ रवैया सेहत को नुकसान पहुँचा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें पश्चिमी देशों की तरह बचपन से ही आउटडोर एक्टिविटीज और फिजिकल फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
