देश / राज्य खबरउत्तर प्रदेशस्मार्ट बिजली मीटर में प्रीपेड की अनिवार्यता खत्म: अब उपभोक्ता चुन सकेंगे...

स्मार्ट बिजली मीटर में प्रीपेड की अनिवार्यता खत्म: अब उपभोक्ता चुन सकेंगे पोस्टपेड का विकल्प, जानें बरेली में क्या है नया नियम।

बरेली: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं, विशेषकर बरेली जिले के 5.40 लाख लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने स्मार्ट मीटरों में केवल ‘प्रीपेड मोड’ की अनिवार्यता को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि अब उपभोक्ता यह तय कर पाएंगे कि उन्हें मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज (Prepaid) करना है या महीने के अंत में बिल (Postpaid) भरना है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद से ही उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही थी। सबसे बड़ी समस्या ‘अचानक बिजली कटना’ थी।

  • बैलेंस निगेटिव होते ही रात-बेरात बिजली गुल हो जाती थी।

  • कई बार रिचार्ज अपडेट होने में समय लगने के कारण लोग घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर थे।

  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक साथ बड़ा रिचार्ज करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था।


बरेली में वर्तमान स्थिति

बरेली जिले में कुल 6.75 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1.35 लाख के घर पहले ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं।

  • शहरी क्षेत्र: 2.75 लाख उपभोक्ता।

  • ग्रामीण क्षेत्र: लगभग 4 लाख उपभोक्ता।

  • विकल्प: जिन 5.40 लाख घरों में अभी मीटर लगने हैं, उनके पास पोस्टपेड का विकल्प खुला है। साथ ही, जिनके यहाँ प्रीपेड लग चुका है, वे भी आवेदन कर बदलाव की मांग कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण नोट: हालांकि CEA ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर (जैसे बरेली के विद्युत कार्यालयों में) अभी लिखित सरकारी आदेश (Government Order) का इंतजार है। इसीलिए वर्तमान में कर्मचारी आवेदनों पर प्रक्रिया शुरू करने के लिए थोड़ा समय मांग रहे हैं।


उपभोक्ताओं की आवाज: क्यों जरूरी था यह बदलाव?

स्थानीय निवासियों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए इस फैसले का स्वागत किया है:

  • सरताज बी (बाकरगंज): “पति मजदूरी करते हैं, एक साथ 34 हजार का बकाया और रिचार्ज का बोझ उठाना नामुमकिन था। पोस्टपेड होने से हमें बिल भरने का समय मिलेगा।”

  • सुमित कुमार (जन आदर्श कॉलोनी): “निगेटिव बैलेंस होते ही अचानक लाइट कटने की समस्या से हम मानसिक रूप से परेशान थे।”


आगे की राह: कैसे मिलेगा लाभ?

जैसे ही शासन स्तर से स्थानीय डिस्कॉम (जैसे PVVNL) को औपचारिक आदेश प्राप्त होंगे, उपभोक्ता विभाग के पोर्टल या स्थानीय कार्यालय में आवेदन देकर अपना मीटर मोड बदलवा सकेंगे। इससे उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो महीने की सैलरी आने पर बिल का भुगतान करना पसंद करते हैं।

RELATED ARTICLES

회신을 남겨주세요

귀하의 의견을 입력하십시오!
여기에 이름을 입력하십시오.

Most Popular

Recent Comments