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27 साल पुरानी खामी चुटकी में पकड़ी; एंथ्रोपिक का नया AI ‘Claude Mythos’ क्यों बना इंटरनेट के लिए बड़ा खतरा?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक ऐसा ‘दिमाग’ तैयार हुआ है, जो जितना मददगार है, उतना ही खतरनाक भी। अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अपना अब तक का सबसे एडवांस मॉडल ‘क्लॉड मिथोस प्रव्यू’ (Claude Mythos Preview) विकसित किया है।

हैरानी की बात यह है कि कंपनी खुद इसे आम जनता के लिए रिलीज करने से हिचकिचा रही है। इसका कारण कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि इसकी ‘अति-शक्तिशाली’ कोडिंग क्षमता है, जो साइबर सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट बन सकती है।

इंसानों से तेज, 27 साल पुराना बग भी पकड़ा

क्लॉड मिथोस ने अपनी टेस्टिंग के दौरान वह कर दिखाया जिसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर सालों से नहीं देख पाए थे। इसने OpenBSD जैसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद 27 साल पुरानी सुरक्षा चूक (Vulnerability) को ढूंढ निकाला।

  • जीरो-डे वनरेबिलिटीज: यह मॉडल वेब ब्राउज़र्स और ऐप्स में ऐसी हजारों कमियां पकड़ सकता है, जिनकी जानकारी खुद उनके डेवलपर्स को भी नहीं है।

  • परफॉरमेंस: यह मॉडल कंपनी के पुराने ‘Claude Opus 4.6’ और गूगल के ‘Gemini 3.1’ जैसे दिग्गजों से भी कहीं आगे निकल गया है।

क्यों है डर? हैकर्स का आसान होगा काम

एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो आमोदेई का मानना है कि अगर यह टूल गलत हाथों में पड़ गया, तो साइबर हमले का तरीका बदल जाएगा।

  1. बिना कोडिंग का हैकर: अब किसी को हैकर बनने के लिए सालों की पढ़ाई की जरूरत नहीं होगी; बस इस एआई को निर्देश देकर बड़े हमले करवाए जा सकेंगे।

  2. ऑटोनॉमस हमले: यह एआई खुद कोड लिख सकता है, सिस्टम की कमियां ढूंढ सकता है और बिना मानवीय हस्तक्षेप के अटैक लॉन्च कर सकता है।

‘प्रोजेक्ट ग्लास विंग’: सुरक्षा की नई दीवार

खतरे को देखते हुए एंथ्रोपिक ने एक अनोखा रास्ता चुना है। इसे पब्लिक के लिए लॉन्च करने के बजाय, कंपनी ने Apple, Google, Microsoft और Amazon जैसी 40 से ज्यादा बड़ी टेक कंपनियों का एक समूह बनाया है।

  • इस मिशन को ‘प्रोजेक्ट ग्लास विंग’ नाम दिया गया है।

  • कंपनी ने इन पार्टनर्स को 100 मिलियन डॉलर तक के क्रेडिट दिए हैं ताकि वे इस एआई का उपयोग करके अपने सिस्टम की कमियां ढूंढें और उन्हें ठीक करें।

  • मकसद साफ है: इंटरनेट को पहले इतना सुरक्षित बना दिया जाए कि भविष्य में जब यह एआई पब्लिक हो, तो कोई इसका गलत फायदा न उठा सके।

एडिटर की टिप्पणी: यह खबर बताती है कि हम एआई के उस दौर में हैं जहाँ तकनीक का विकास उसकी सुरक्षा तैयारियों से कहीं ज्यादा तेज है। एंथ्रोपिक का यह कदम एक ‘जिम्मेदार एआई’ की मिसाल पेश करता है।


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