कोरबा, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) कोरबा में कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वेतन विसंगतियों और कार्यस्थल पर हो रहे कथित शोषण से नाराज सैकड़ों कर्मचारी सुबह से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्यों भड़का कर्मचारियों का आक्रोश?
धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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वेतन में विसंगति: कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान दिया जाए।
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काम के घंटे: आरोप है कि उनसे रोजाना 8 घंटे से कहीं अधिक काम लिया जाता है, लेकिन उसका अतिरिक्त भुगतान (Overtime) नहीं होता।
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ठेकेदारों का रवैया: प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदारों पर शोषण करने और जायज मांगों को अनसुना करने का आरोप लगाया है।
NTPC गेट पर तनाव, सुरक्षा बल मुस्तैद
आक्रोशित कर्मचारियों ने NTPC के गेट नंबर-2 को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी सुरक्षा घेरा तैयार किया है:
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CISF (सीआईएसएफ) के जवान गेट और प्लांट की आंतरिक सुरक्षा संभाल रहे हैं।
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स्थानीय पुलिस बल को बाहरी इलाके में तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
Editor’s Insight: औद्योगिक क्षेत्रों में ठेका कर्मचारियों का यह विरोध अक्सर वेतन ढांचे में पारदर्शिता की कमी के कारण होता है। एनटीपीसी जैसे बड़े संस्थान में इस तरह का गतिरोध उत्पादन पर भी असर डाल सकता है।
क्या है कर्मचारियों की अंतिम चेतावनी?
फिलहाल कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक प्रबंधन या जिम्मेदार अधिकारी ठोस आश्वासन नहीं देते, उनका धरना जारी रहेगा। सुबह से शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर होते-होते और उग्र हो गया है।
