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Apex Bank MP: आगामी वर्ष में 10 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य | MP News

मध्यप्रदेश के सहकारिता आंदोलन को नई धार देने के लिए अपेक्स बैंक ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। प्रमुख सचिव सहकारिता एवं प्रशासक डी.पी. आहूजा ने प्रदेश के 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के CEOs को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी वित्तीय वर्ष में 10 लाख नए सदस्यों को पैक्स (PACS) के माध्यम से जोड़ा जाए।

इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को जमीन पर उतारना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

14 अप्रैल से शुरू होगा ‘सदस्यता अभियान’

अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने बैठक में इस अभियान की रूपरेखा साझा की। नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया है:

  • अभियान की अवधि: 14 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक।

  • प्रति समिति लक्ष्य: हर पैक्स (PACS) को लगभग 200 नए सदस्य बनाने होंगे।

  • शेयर कैपिटल: नए सदस्य को 600 रुपये जमा करने होंगे, जिसकी रसीद उन्हें तुरंत दी जाएगी।

  • डिजिटल एंट्री: सदस्यता की पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

  • नाबार्ड का सहयोग: हर कैंप के आयोजन के लिए नाबार्ड से 1000 रुपये की सहायता राशि मिलेगी।

गबन और धोखाधड़ी पर ‘जीरो टॉलरेंस’

सहकारी बैंकों की साख बचाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डी.पी. आहूजा ने स्पष्ट किया कि गबन करने वाले कर्मचारियों पर दया नहीं दिखाई जाएगी।

  1. कठोर दंड: वित्तीय अनियमितता में शामिल अधिकारियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्यवाही होगी।

  2. संपत्ति कुर्की: धारा 64 के तहत दोषियों की संपत्ति अटैच (Attach) करने के लिए सहकारी न्यायालयों में तुरंत प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।

  3. वसूली पर जोर: धोखाधड़ी की राशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाएगी।

जिला बैंकों का शानदार प्रदर्शन (वित्तीय वर्ष 2025-26)

बैठक में पिछले साल के आंकड़े भी साझा किए गए, जो प्रदेश की वित्तीय मजबूती को दर्शाते हैं:

विवरण उपलब्धि (31.03.2026 तक)
कुल अमानत संग्रहण ₹31,975 करोड़
लक्ष्य पूर्ति 96%
संस्थागत अमानतें ₹7,969 करोड़
100% लक्ष्य वाले बैंक 11 जिला बैंक

प्रो टिप (Pro Tip): जिला बैंक के CEOs को सलाह दी गई है कि वे अपने जिले के प्रशासकों के साथ तालमेल बिठाकर शासकीय योजनाओं की राशि जिला बैंकों के डिपॉजिट में लाने का प्रयास करें। इससे बैंक की तरलता (Liquidity) बढ़ेगी और किसानों को ऋण वितरण में आसानी होगी।


मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए:

  • केसीसी (KCC) वितरण: नए सदस्यों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ना प्राथमिकता होगी।

  • पैक्स कंप्यूटरीकरण: कामकाज में पारदर्शिता के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन पर जोर।

  • सहभागिता: बैठक में प्रभारी आयुक्त सहकारिता सुश्री शीला दाहिमा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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