डोनाल्ड ट्रंप के निधन की खबर: सच या साजिश? पिछले 24 घंटों में यूट्यूब शॉर्ट्स और X (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर “ट्रंप की मौत” से जुड़े सनसनीखेज दावों की बाढ़ आ गई है। कुछ वीडियो में तो “ईरान में जश्न” तक के फुटेज दिखाए जा रहे हैं। इन खबरों के चलते गूगल पर सर्च ट्रैफिक में भारी उछाल देखा गया, लेकिन सच यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित और सक्रिय हैं।
व्हाइट हाउस और वैश्विक मीडिया का रुख एसोसिएटेड प्रेस (AP), द गार्जियन और व्हाइट हाउस के आधिकारिक संचार विभाग ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। रविवार, 5 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद कई मीडिया आउटलेट्स से बात की है।
अफवाहों के पीछे के 3 मुख्य कारण विशेषज्ञों का मानना है कि जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच इन अफवाहों को हवा मिलने के पीछे ये तीन वजहें हो सकती हैं:
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इनामी घोषणा का पुराना मामला: मार्च 2026 में ईरान से जुड़े कुछ कैंपेन में ट्रंप पर इनाम की खबरें आई थीं, जिसे अब गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
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ईरान की रैलियों का गलत इस्तेमाल: ईरान में होने वाली सरकारी रैलियों (जो अमेरिकी विमान गिराने या ‘प्रतिरोध’ के लिए थीं) के पुराने वीडियो को ‘ट्रंप की मौत के जश्न’ के रूप में शेयर किया जा रहा है।
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ऑपरेशन एपिक फरी (Operation Epic Fury): दोनों देशों के बीच चल रहे ‘सूचना युद्ध’ (Information War) में क्लिकबेट और दुष्प्रचार (Propaganda) का सहारा लिया जा रहा है ताकि विपक्षी खेमे का मनोबल तोड़ा जा सके।
ताजा स्थिति (6 अप्रैल 2026) राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान को मंगलवार रात तक ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलने का अल्टीमेटम दिया है। वे तुर्की और ओमान के मध्यस्थों के जरिए बातचीत में भी शामिल हैं।
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