लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी कार्यप्रणाली को गति देते हुए कर्मचारी संगठनों को औपचारिक चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। यह पहली महत्वपूर्ण बैठक 24 अप्रैल 2026 को देहरादून में आयोजित की जाएगी।
यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि पहले कयास लगाए जा रहे थे कि आयोग केवल ऑनलाइन सुझाव लेगा, लेकिन अब संगठनों से सीधे संवाद करना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बैठक के 5 सबसे बड़े मुद्दे (Key Highlights)
आयोग की इस पहली बैठक में ‘ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉई फेडरेशन’ सहित कई संगठन अपना पक्ष रखेंगे। चर्चा के केंद्र में ये बिंदु रहने वाले हैं:
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फैमिली यूनिट में बदलाव: वर्तमान में सैलरी की गणना 3 यूनिट की फैमिली मानकर होती है। मांग है कि इसे बढ़ाकर 5 किया जाए, जिससे बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
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फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor): कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.2 से 3.68 तक रखने की मांग कर रहे हैं।
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पुरानी पेंशन योजना (OPS): एनपीएस (NPS) को ओपीएस (OPS) में बदलने और यूपीएस (UPS) की शर्तों में ढील देने पर जोर दिया जाएगा।
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DA मर्जर और हाइक: महंगाई भत्ते (DA) के 50% पार होने के बाद उसे बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग उठ रही है।
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महिला कर्मचारियों के लिए रियायत: चाइल्ड केयर लीव (CCL) के दौरान सैलरी कटौती बंद करने और इसे ‘फैमिली केयर लीव’ बनाने का प्रस्ताव है।
समान नियम और स्वास्थ्य सुविधाएं
ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉई फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, ऑटोनॉमस बॉडीज (CAB) और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) के कर्मचारियों के लिए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत समान नियम लागू होने चाहिए। साथ ही, दूरदराज के क्षेत्रों जैसे अंडमान निकोबार के कर्मचारियों को भी CGHS (स्वास्थ्य योजना) का अनिवार्य लाभ देने की मांग की गई है।
शिक्षकों और सामाजिक कार्यों के लिए विशेष मांग
आयोग के सामने एक अनोखा प्रस्ताव ‘सोशल रिचुअल्स लीव’ का भी है, जिसमें शादी या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए 28 दिन की एडवांस छुट्टियों के कोटे की मांग की गई है। इसके अलावा, वेकेशनल स्टाफ (शिक्षकों) को भी अन्य कर्मचारियों की तरह अधिक CL देने की अपील की गई है।
